Horror Story Of Ramagaon

एक समय की बात हैं, एक गांव में अमित नाम का एक किसान रहता था उस गाँव का नाम रामागांव था। उस किसान की शांता नाम की एक पत्नी और अनिल नाम का एक बेटा था। अनिल अपने पिता की तरह ही दिखता था। एक दिन अमित जब अपने खेत की तरफ जा रहा था तभी अचानक जंगल मे अमित को एक सांप ने काट लिया और सांप के काटने की वजह से अमित की मृत्यु हो गयी। जब अमित की मृत्यु की खबर अमित की पत्नी शांता को पता चली तो शांता रोतो - रोतो बेहोश होकर नीचे गिर गयी।




जब शांता बेहोश होकर नीचे गिर गयी तब उसने एक सपना देखा सपने में शांता ने देखा कि उसका पति अमित एक भूत बन कर जोर - जोर से हस रहा हैं, और फिर उसका पति अमित हँसते - हँसते एक पीपल के पेड़ पर बैठ गया हैं। शांता सपने में यह सब देख कर बहुत ज्यादा डर गई और बेहोशी की हालत में शांता जोर - जोर से चीख़ने - चिल्लाने लग गयी। जब शांता को होश आया तो उसके बगल में बैठी हुई औरतों ने शांता से पूछा क्या हुआ शांता नींद में कोई बुरा सपना देखा।


शांता ने रोते हुए अपने पास बैठी हुई औरतों को वह सब बताया जो उसने सपने में देखा और जिसकी वजह से वह इतनी ज्यादा डर गई थी! (मेरा पति एक भूत बन गया हैं और पीपल के पेड़ पर चढ़कर बैठा हुआ हैं।) 


अमित की मृत्यु के तीसरे दिन Ramagaon के लोग टीटू नाम के एक दुकानदार को कब्रिस्तान से उठा कर लाए। टीटू कब्रिस्तान में पीपल के पेड़ के नीचे बेहोश पड़ा हुआ था। Ramagaon के लोगों ने टीटू के मुँह के ऊपर पानी के छीटे मारे और पानी के छीटे टीटू के मुँह पर पड़ते ही टीटू को होश आ गया। टीटू को जब होश आया तो टीटू ने पहले तो Ramagaon के सभी लोगो को अजीब तरीके से देखा और फिर बोला - मैंने अपनी दुकान के लिए कुछ जरूरी सामान खरीदा था। हमेशा की तरह आज भी मैं सूरज उगने से पहले ही उठ गया था और अपनी दुकान के लिए सामान ख़रीदने के लिए इस Ramagaon में आया था। जब मैं दुकान का सामान ख़रीद कर वापस अपने Ramagaon लौट रहा था तो रास्ते में कब्रिस्तान के पास लोमड़ी और कुत्ते अजीब - अजीब सी आवाजें निकालने लगें। डरावनी आवाजें सुन कर मैं बहुत ज्यादा डर गया, और जैसे ही मैं कब्रिस्तान के पास पहुँचा तो मैंने देखा कि एक आदमी सफ़ेद धोती पहने हुए पीपल के पेड़ पर लटक रहा हैं।


टीटू जो पहले से ही डरावनी आवाज़ो के कारण बहुत ज्यादा डरा हुआ था अब उसने कब्रिस्तान में पीपल के पेड़ पर लटकते हुए भूत को देख लिया था। 

भूत ने टीटू को डराते हुए कहा - ए टीटू जितना पैसा तुम्हारे पास हैं सारा पैसा मुझे दे दो और यहाँ से चले जाओ मुझें अपनी पत्नी और बेटे के पेट भरने हैं। 
यह सुन कर टीटू बेहोश हो गया था, और टीटू ने रामागांव वालों को बताया कि इसके बाद मुझे कुछ याद नही हैं।

टीटू की यह बात बताने पर जिन लोगों को टीटू की बात सच लगी वो सभी लोग टीटू के पैसे और टीटू की दुकान का सामान खोंजने के लिए शांता के घर गए शांता के घर जाकर लोगों ने घर की अच्छी तरह से तलाशी की पर शांता के घर से उन्हें एक रुपया भी नही मिला। ये सब देख कर शांता जोर - जोर से रोने लग गयी शांता यह सोच कर रोने लगी थी उसका पति जो कि एक अच्छा आदमी था, वह एक भूत बन गया हैं।

अगले दिन फिर से भूत ने एक औरत के गहने लूट लिए जो पास के जंगल के कब्रिस्तान से अपने गांव वापस लौट रही थी। उसके बाद Ramagaon के 6 और लोगों को कब्रिस्तान के पास पीपल के पेड़ में लटकता हुआ वही भूत दिखाई दिया। अब सब Ramagaon के लोग बहुत डर गए थे, जिसकी वजह से अब का कोई भी व्यक्ति उस कब्रिस्तान के पास से नही जाता था। 

Ramagaon वालों ने सोचा कि अगर हम शांता और उसके बेटे अनिल को Ramagaon से निकल दे तो ये भूत भी उनके Ramagaon को छोड़ कर चला जाएगा इसलिए सभी Ramagaon वाले मिलकर एक दिन शांता के घर गए और उसको बोलने  लगे कि तुम ये रामागांव छोड़ कर चले जाओ तभी हमें इस भूत से छुटकारा मिल सकता हैं। यह सुन कर शांता दुःखी होकर बोलने लगी कि मैं और मेरा बेटा अनिल इस  को छोड़ देंगे तो हम कहा रहेंगे और फिर कुछ देर बाद बोली कि मैं आज रात को कब्रिस्तान में जाउंगी और अपने पति (जो कि अभ भूत बन गया हैं) से Ramagaon छोड़ने की विनंती करूँगी।

रात होते ही शांता अपने घर से कब्रिस्तान की और निकल पड़ी जैसे ही शांता कब्रिस्तान में पीपल के पेड़ के पास पहुँची तो शांता ने देखा कि पीपल के पेड़ पर एक भूत सफ़ेद धोती पहन कर पेड़ पर लटक रहा हैं, और जब भूत ने शांता को देखा तो भूत बोला वही पर रुक जाओ मुझे अपनी पत्नी और बच्चे का पेट भरना हैं। इसलिए जो कुछ भी तुम्हारे पास हैं सब कुछ निकाल कर मुझे दे दो तुम्हे पता हैं मैं कौन हूँ मैं धर्मा हूँ। 

यह सुनकर शांता हैरान हो गयी क्योंकि वह आवाज शांता के पति अमित की नही थी। शांता दौड़ी - दौड़ी Ramagaon की तरफ भागी और घर पहुँच कर शांता ने पूरी बात अपने बेटे अनिल को बताई और बोली एक चोर तुम्हारे पिता जी का नाम खराब कर रहा हैं हमें रामागांव वालों के सामने उस चोर का पर्दा फ़ाश करना होगा। 

माँ की बात सुन कर अनिल कुछ देर के लिए चुप रहा और कुछ सोंचने के बाद अनिल अपनी माँ से बोला कि माँ मैंने एक तरकीब सोची हैं और अनिल ने अपनी पूरी तरकीब माँ को बताओ अनिल की तरकीब सुन कर अनिल की माँ शांता राजी हो गयी। अगले दिन सुबह शांता और अनिल Ramagaon वालों के पास गए। रामागांव वालों के पास पहुँच कर शांता ने Ramagaon वालों से कहा कि हम ये Ramagaon को छोड़कर जा रहे हैं यह कहकर शांता घर। वापस चली गयी, और फिर अनिल ने सफ़ेद धोती पहनी और अपने बालों को भी सफ़ेद कर लिया अब अनिल बिल्कुल अपने पिता अमित की तरह लग रहा था। 

फिर शांता और उसका बेटा अनिल कब्रिस्तान की और चले गए जब दोनों कब्रिस्तान पहुँच गए तब अनिल कब्रिस्तान के पीपल के पेड़ में उस भूत की गुफा में जाकर छुप गया और शांता पास ही कि झाड़ियो के पीछे जाकर छिप गई। कुछ देर बाद एक आदमी सफ़ेद धोती पहनकर Ramagaon की तरफ से आया और पीपल के पेड़ पर चढ़कर पीपल के पेड़ की डालियों के पीछे छिप गया। और फिर वह आदमी भूतों की तरह अजीब - अजीब सी डरावनी आवाजें निकालने लग गया।

शांता अनिल के पेड़ की गुफा में से निकलने की प्रतिक्षा में थी। तभी अनिल गुफा से बहार आया और पेड़ पर बैठे आदमी से बोला तुम मेरा नाम बदनाम करते हो देखों अब मैं तुम्हारें साथ क्या करता हूँ। तुम्हें पता हैं मैं कौन हूँ, मैं हूँ धर्मा! यह सुन कर वह आदमी पेड़ से नीचे गिर गया और वह डर से काँपने लगा और जोर - जोर से रोते हुए उसने माफ़ी मांगना शुरू कर दिया मुझें माफ कर दो मुझ से बहुत बड़ी गलती हो गयी।

यह सुनकर अनिल उस आदमी से बोला कि ठीक हैं मैं तुम्हे माफ कर दूंगा पर उससे पहले तुम मुझे ये बताओ कि तुमने जिन - जिन लोगों को डरा कर उनका समान लुटा हैं तुमनें वो समान कहा पर रखा हैं वो आदमी पीपल के पेड़ के पास खोदने लगा इसी बीच शांता जो कि झाड़ियों के पीछे छुप कर सब कुछ देख रही थी वह झाड़ियों से निकल कर Ramagaon की तरफ जाने लगी और रामागांव पहुँच कर शांता ने Ramagaon वालों से कहा कि मेरे साथ कब्रिस्तान आओ और आकर देखों वह एक चोर हैं जो मेरे पति का नाम खराब कर हैं। 

यह सुनकर सभी Ramagaon वाले शांता के साथ कब्रिस्तान की और चल पड़े Ramagaon वालों को आता देख वह नकली भूत/चोर डर गया और वह वहाँ से भागने की कोशिस करने लगा लेकिन कुछ दूर भागने के बाद रामागांव वालों ने उसे पकड़ लिया और फिर सब लोगों ने उस नकली भूत/चोर की जम कर पिटाई की तभी अनिल पेड़ की गुफा से बहार निकला और बोला क्या बात हो गई क्या समस्या हैं मुझे नींद का झोंका आया और मैं सो गया था। अनिल की यह बात सुन कर शांता हैरान हो गयी शांता को समझ में नही आ रहा था कि अगर अनिल सो गया था तो फिर सुमित वाले भूत का नाटक खेल कर उस नकली भूत/चोर को किसने डराया था। 

फिर शांता ने पूरी बात Ramagaon वालों को बताई और फिर Ramagaon वाले समझ गए कि अमित के असली भूत ने उस नकली भूत का पर्दाफास किया। उसके बाद रामागांव वालों ने सबका लुटा हुआ समान वापस कर दिया और Ramagaon के लोगों ने शांता और उसके बेटे अनिल से माफी मांगी।


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