सूर्य से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

सूर्य नाम से तो दुनियां का हर इंसान वंचित हैं पर आपमे से बहुत ही कम लोग ऐसे होंगे जिन्हें सूर्य के बारे में जानकारी होगी। जैसे कि :-

सूर्य का जन्म कब हुआ? 

सूर्य में कौन-कौन सी गैसे पाई जाती हैं?

सूर्य हमारी पृथ्वी से कितना बड़ा हैं?

सूर्य की हर सतह पर तापमान कितना होता हैं?

सूर्य का वजन कितना हैं? और 

सूर्य से प्रकाश कैसे उत्तपन्न होता हैं?

इत्यादि बहुत सारे सवालों के जवाब आप मे से बहुत ही कम लोगो को पता होंगे। तो आज आपको इस पोस्ट में इन सभी सवालों के जवाब जानने को मिलेंगे।


सूर्य (सूरज) की जन्म आज से लगभग 4.6Billion वर्ष पूर्व हुआ था। यह ज्यादातर हाइड्रोजन और हीलियम गैस से बना हुआ हैं। सूर्य में हर एक सेकंड में 700 Million टन हाइट्रोजन और न्यूक्लियर के विखंडन के कारण हीलियम गैस में बदल जाता हैं। इस विखंडन के कारण एक ऐसी Energy का निर्माण होता हैं जिसे Photon कहा जाता हैं इस प्रकार से ही सूर्य से प्रकाश बनता हैं। सूर्य के केंद में बना प्रकाश रूपी Photon कई हजारों ओर लाखों सालों तक सूरज के अंदर ही घूमता रहता हैं, और एक दिन निकल कर मात्र 8.30 मिंट में धरती पर पहुँच जाता हैं।

धरती की तरह ही सूरज पर भी मौसम बदलता रहता हैं सूर्य का व्यास 13,91,400 KM हैं जो कि धरती के व्यास से 110 गुना ज्यादा हैं। सूर्य पृथ्वी से 13,00,000 गुना बड़ा हैं और पूरे सौर मण्ड़ल में सूर्य का द्रव्यमान 99.86℅ हैं इसके साथ ही सूरज में 73% हाइट्रोजन गैस और 25% हीलियम गैस के साथ बाकी 02% गैस ऑक्सीजन, निकिल ,सिलिकन, सल्फर, मैग्नेशियम, कार्बन, नियॉन, कैल्शियम और क्रोमियम हैं और सूर्य का वजन पृथ्वी के वजन से 3,30,000 ज्यादा हैं।

सूर्य इतना बड़ा हैं कि अगर खोखला कर के उसमे धरती को डाल दिया जाए तो 103Million धरती सूर्य में समा जाएगी। और एक सेकेंड में चमकने पर सूर्य से 1Million हाइड्रोजन बम्म जितनी शक्ति(ऊर्जा) निकलती हैं।

सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही सभी ग्रह सूर्य के चारो और चक्कर लगाते हुए घूमते हैं। सूर्य की सबसे ऊपरी सतह को Photosphere और सूर्य की बीच वाली सतह को Chrosphre और सूर्य की अंदर वाली सतह को Corona कहा जाता हैं।

सूरज में ऐसे बहुत से काले धब्बे हैं जो कि हजारों मील बड़े हैं। और जिस सतह पर ये काले धब्बे होते हैं उस सतह का तापमान लगभग 1000°F होता हैं और यह भाग सूर्य का एक ऐसा भाग होता हैं जोकि सूर्य के अन्य हिस्सो की अपेक्षा सबसे ठंडा हिस्सा होता हैं।

2003 में सूर्य से एक ऐसी ऊर्जा निकली थी जैसे ऊर्जा एक 200Million हाइड्रोजन बंब के विस्पोट होने से निकलती हैं। और इस विस्पोट मे बहुत ज्यादा गर्म कण निकले जिसकी गति 6Million मील प्रति घण्टा थी। यह आज तक का सबसे बड़ा विस्पोट था। उस समय इस विस्पोट के दौरान पृथ्वी पर सभी सम्पर्क के साधन अवरोध कर दिए गए थे। लेकिन इस विस्पोट से पृथ्वी पर किसी भी प्रकार की कोई हानि नही पहुँची थी।

1973 में Skylab नाम का पहला मानव अंतरिक्ष Station बना Skylab की वजह से सूरज की फ़ोटो खिंची गयी थी।Skylab पहली एक ऐसी Lobority थी जो सिर्फ सूरज पर अनुसंसाधन के लिए बनाया गया था। सूर्य आकाश गंगा में से 2000Million तारों में से एक हैं सूर्य हमारी पृथ्वी से बहुत दूर हैं इतनी ज्यादा दूर होने के बावजूद भी सूर्य का प्रकाश हमारी धरती पर सिर्फ 8 मिंट 18 सेकेंड में पहुँच जाता हैं।

सूर्य से लगातार एक ऐसी Energy निकलती रहती हैं जिस Energy को सौर पवन भी कहते हैं। सूर्य से निकलने वाली यह Energy पूरे सौर मंडल में फैलती हैं और सूर्य से निकलने वाली यह Energy 9.3Trillon मील दूर तक सौर मंडल तक पहुँचती है, जोकि Ploto ग्रह से भी बहुत आगे हैं। सूर्य के ऊपरी सतह का तापमान 5,500℃ हैं और सूर्य के केंद में तापमान लगभग 50Million℃ होता हैं।

सूर्य में सभी रंग समाहित हैं, लेकिन यह हमें सिर्फ एक ही रंग का नजर आता हैं। क्या आपको पता हैं कि एक समय ऐसा भी आएगा जब सूर्य में मौजूद सारी हाइड्रोजन गैस विलुप्त हो जाएगी और उसके बाद सूर्य में सिर्फ हिलीयम गैस ही ज्यादा मात्रा में शेष रह जाएगी। और इस वजह से हिलीयम गैस का जलना आरम्भ हो जाएगा और हिलीयम गैस के जलने के कारण सूर्य का आकार और ज्यादा बढ़ता चला जाएगा और तब सूर्य का आकार इतना बड़ा हो जाएगा कि शुक्र, बुध और पृथ्वी जैसे ग्रहों को समाप्त कर देगा।

पृथ्वी पर हर साल अधिकतम 5 बार सूर्य ग्रहण लगता हैं और यह ग्रहण लगभग 7मिंट 40सेकेंड से लेकर 20मिंट तक चलता हैं




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